नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर, पुलिस-प्रशासन मिलकर बढ़ाएगा कार्रवाई

बीकानेर (राजस्थान)- नशे के बढ़ते प्रभाव पर रोक लगाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित हुई। जिला कलेक्टर निशान्त जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में नशा मुक्ति केन्द्रों की निगरानी, अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री पर कार्रवाई तथा स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। कलेक्टर निशान्त जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में संचालित नशा मुक्ति केन्द्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को व्यापक स्तर पर चलाते हुए पुलिस और प्रशासन आपसी समन्वय से कार्रवाई को और गति दें।

उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ ऑपरेशन नीलकंठ चलाया जा रहा है। इसके तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। सीमा क्षेत्रों में भी नशे की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है। कलेक्टर ने स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए।

सूचना देने के लिए व्हाट्सऐप नंबर जारी

पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने कहा कि नशा मुक्ति केन्द्रों का संचालन नियमों के अनुसार हो, इसकी नियमित निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में पुलिस, चिकित्सकों, विद्यार्थियों सहित विभिन्न वर्गों को जोड़कर समूह तैयार किए जाएंगे।उन्होंने आमजन से नशे से संबंधित गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील की। इसके लिए व्हाट्सऐप नंबर 87645-07201 जारी किया गया है। इस नंबर पर नशे से संबंधित सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और मोबाइल नंबर गोपनीय रखा जाएगा तथा संबंधित आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्कूलों में एक लाख से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल.डी. पंवार ने बताया कि विभाग द्वारा नशा मुक्ति को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। भविष्य में देवस्थान विभाग के सहयोग से धर्मगुरुओं के माध्यम से भी नशे के खिलाफ अपील करवाई जाएगी। श्रमिक संगठनों के माध्यम से मजदूरों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि स्कूलों में स्लोगन लेखन, पोस्टर प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। इन गतिविधियों में अब तक एक लाख से अधिक विद्यार्थी भाग ले चुके हैं। नो बैग डे के दौरान भी नशे के दुष्प्रभावों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


कोचिंग संस्थानों में लगाई गई सुझाव पेटिकाएं

बैठक में कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि ने बताया कि ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा के तहत कोचिंग संस्थानों में सुझाव पेटिकाएं लगाई गई हैं। इनमें विद्यार्थी नशे की बिक्री और अन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं, जिसे पुलिस एवं प्रशासन तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं श्रीडूंगर कॉलेज में नई किरण नशा मुक्ति केन्द्र के माध्यम से एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड सहित विभिन्न संगठनों के सहयोग से नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जुलाई में दवा दुकानों पर 38 कार्रवाई

ड्रग कंट्रोलर देवेन्द्र खेदावत ने बताया कि जुलाई माह में कुल 38 कार्रवाई की गईं। इनमें 10 दवा दुकानों पर अनियमितताएं मिलीं, 12 दुकानों को नोटिस जारी किए गए, 9 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए तथा एक दुकान का लाइसेंस निरस्त किया गया। बैठक में एक दवा के दुरुपयोग से संबंधित जानकारी भी साझा की गई। एएनटीएफ के महेन्द्र दत्त ने बताया कि चौपड़ा कटला क्षेत्र में एक अवैध क्लीनिक को सीज कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलजा पांडे, बीकानेर एसडीएम महिमा कसाना सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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