सोनहत बनेगा कोरिया का पहला टीबी से सुरक्षित विकासखंड, घर-घर स्क्रीनिंग और आधुनिक जांच अभियान तेज

कोरिया-कोरिया जिले का सोनहत विकासखंड टीबी से सुरक्षित विकासखंड बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य स्तर से नामांकित सूरजपुर जिले की मूल्यांकन टीम अब सोनहत पहुंचकर यहां टीबी उन्मूलन को लेकर किए गए कार्यों और उपलब्धियों की जमीनी हकीकत की जांच करेगी। निर्धारित मानकों के आधार पर होने वाले इस मूल्यांकन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

घर-घर पहुंचकर संभावित मरीजों की हो रही स्क्रीनिंग

सोनहत विकासखंड में टीबी के संभावित मरीजों की सक्रिय खोज के साथ ही उच्च जोखिम वाले समूहों की पहचान कर घर-घर स्क्रीनिंग की जा रही है। टीबी के लक्षण पाए जाने पर मरीजों का छाती का एक्स-रे, बलगम जांच और जरूरत के अनुसार आधुनिक NAAT मशीन से मॉलिक्यूलर जांच कराई जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग का फोकस बीमारी की जल्द पहचान और समय पर उपचार शुरू करने पर है। टीबी की पुष्टि होने के बाद मरीज का उपचार शुरू कर नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि उपचार पूरा होने तक मरीज को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।

सिर्फ कम मरीज मिलना नहीं, जांच का दायरा भी होगा महत्वपूर्ण

मूल्यांकन के दौरान केवल टीबी मरीजों की संख्या को ही आधार नहीं बनाया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि विकासखंड में संभावित मरीजों की पर्याप्त पहचान और जांच की गई है या नहीं। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच के अभाव में टीबी का कोई संभावित मामला सामने आने से न छूटे।


टीबी से सुरक्षित विकासखंड के प्रमुख मापदंड

सोनहत के मूल्यांकन में निर्धारित मानकों के तहत मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा—

प्रति 1000 की आबादी पर कम से कम 30 क्षय संभावित मरीजों की जांच।

प्रति 1000 की आबादी पर 1 या उससे कम टीबी मरीज का मिलना।

उपचार सफलता दर 90 प्रतिशत।

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पोषण आहार प्राप्त करने वाले मरीजों का कवरेज 100 प्रतिशत, जिसमें कम से कम एक पोषण आहार बॉक्स प्राप्त होना शामिल है।

मूल्यांकन के बाद तय होगी उपलब्धि की स्थिति

सोनहत में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत स्क्रीनिंग, एक्स-रे, बलगम जांच और NAAT जैसी आधुनिक जांच सुविधाओं के जरिए टीबी के मामलों की पहचान पर जोर दिया जा रहा है। अब राज्य द्वारा नामांकित सूरजपुर की टीम द्वारा किए जाने वाले मूल्यांकन से यह सामने आएगा कि सोनहत निर्धारित मापदंडों पर कितना खरा उतरता है।


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