अंबिकापुर | मौसम में अचानक आए बदलाव के बीच मंगलवार की देर रात करीब डेढ़ बजे सरगुजा के मैनपाट में तेज ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। करीब 15 मिनट तक हुई तेज ओलावृष्टि से पूरा इलाका सफेद चादर में ढक गया। खेतों में बर्फ जैसी मोटी परत जम गई, जिससे खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि का असर पूरे मैनपाट क्षेत्र में देखा गया, जबकि इससे लगे सीतापुर, दरिमा और आसपास के इलाकों में इसका प्रभाव नहीं पड़ा।
सबसे अधिक नुकसान गेहूं की फसल को हुआ है, जो इस समय पकने की अवस्था में थी। ओलों की मार से गेहूं की बालियां टूटकर गिर गईं। इसके अलावा टमाटर, बैंगन सहित अन्य सब्जी फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। आम के बौर को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र अंबिकापुर के प्रभारी एस.के. मंडल ने कहा कि वातावरण में नमी की मात्रा बढ़कर लगभग 50 प्रतिशत हो गई है, जिसके कारण बादल छा रहे हैं। आने वाले एक-दो दिनों तक दोपहर बाद बादलों की आवाजाही जारी रहने की संभावना है।
अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पिछले तीन दिनों से जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बादलों की लगातार आवाजाही और बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बीते दो दिनों में अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक नीचे आया है। बुधवार को अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे गर्मी से राहत मिली है।

